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Software testing Inspection in hindi

Inspection एक औपचारिक review है तथा इसमें तैयारी की आवश्यकता होती है।

इंस्पेक्शन को 1976 में M.E. Fagon ने सबसे पहले define किया था। इस कारण इसको Fagon Inspection भी कहते है।

इंस्पेक्शन के द्वारा errors को detect तथा correct किया जाता है।

इसका नेतृत्व एक प्रशिक्षित Moderator के द्वारा किया जाता है। Moderator जो है वह author नही होता है। Inspection में एक सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट को review के लिए चुना जाता है और इस सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट के review के लिए एक inspection टीम एकत्रित होती है।

Inspection का उद्देश्य:-

इसका निम्नलिखित उद्देश्य होता है:-

1:-इसका उद्देश्य सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट में आने वाले defects को डिटेक्ट तथा करेक्ट करना है।

2:-सॉफ्टवेयर की क्वालिटी को बेहतर करना।

Steps Of Inspection

1:-Planning:-इंस्पेक्शन की पूरी प्लानिंग moderator के द्वारा की जाती है और मॉडरेटर का कार्य सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट का peer-review करना होता है।

2:-Overview:-इसमें author सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट के background का वर्णन करता है।

3:-Preparation:-यह एक व्यक्तिगत क्रियाकलाप है ; इसमें प्रत्येक इंस्पेक्टर सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट की जाँच करता है तथा सम्भावित defects को identify करता है। इसमें defects को केवल note किया जाता है लेकिन collect नही किया जाता है।

4:-Meeting:-यह मॉडरेटर के द्वारा संचालित की जाती है। मीटिंग में सॉफ्टवेयर के प्रत्येक हिस्से को क्रमानुसार पढ़ा जाता है। इसमें defects को collect कर लिया जाता है।

5:-Rework:-इसको author के द्वारा Executed किया जाता है। मीटिंग के दौरान जो भी प्लान किया जाता है उसके हिसाब से सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट में बदलाव किये जाते है।

6:-Follow-up:-इस में, author के द्वारा किये गए बदलावों की जाँच की जाती है यह देखने के लिए कि जो बदलाव किये है वे सही है या नही।

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