Normalization in DBMS in Hindi

दोस्तों आज की इस post में हम जानेगे की What is Normalization in Hindi.

Normalization in DBMS in Hindi

Normalization rules/ guidelines/ technique का एक set है. Normalization एक वैज्ञानिक विधि है जिसके द्वारा Complex Table Structure को Simple Table Structure में परिवर्तित किया जाता हैं।

Table में से Redundancy को कम करने व Database Inconsistency को हटाने के लिये कुछ Rules को Follow कर Normalization किया जाता हैं।इसमें यह भी ध्यान रखा जाता हैं कि Normalization के समय Information का कोई Loss ना हो।

जो database को design करते समय use किया जाता है। यह सभी duplicate issues और incorrect data issues को हटाता है, एक अच्छी तरह से desgin किए गए database की मदद करता है।

Normalization के बहुत से लाभ है, जिसके द्वारा Fast Sorting, Indexing व Clustering की जा सकती हैं व यह Table Structure को Simple बनाने का कार्य भी करता हैं। किसी भी Database Design को अच्छा बनाने के लिये निम्न Rules को Follow किया जाता हैं:

  1. हर Table में एक Identifier का होना आवश्यक हैं।
  2. हर Table में Singal Type की Entity को Store किया जाना चाहिये ।।
  3. Null Value को कम से कम Store किया जाना चहिये।।
  4. Values का Repetition (पुनरावृति) भी कम से कम होना चाहिये।
Normalization in hindi
Normalization in hindi

Normalization Concept को Apply करने के लिये अलग-2 Normal Forms को उपयोग में लिया जाता हैं। टेबल हमेशा किसी न किसी Normal Form में होती हैं। मुख्यतः उपयोग में ली जाने वाली Normal Forms निम्न है:

  1. First Normal Form (1NF)
  2. Second Normal Form (2NF)
  3. Third Normal Form (3NF)
  4. Fourth Normal Form (4NF)
  5. Boyce Coded Normal Form (BCNF)
  6. Fifth Normal Form (5NF)

(1) First Normal Form (1NF):- किसी भी टेबल को 1NF में तभी कहा जा सकता हैं जब टेबल की हर Cell में एक Value हो।

Example:- एक Relation Employee में निम्न Attributes को Insert किया गया हैं:

Ecode:- (Ecode, Dept, Proj Code)


Second Normal Form (2NF)

एक table 2NF में बताई गई है यदि दोनों निम्नलिखित conditions रखती हैं:

  • table1NF में है (First normal form)
  • कोई भी non-prime attribute table के किसी भी candidate की उचित subset पर निर्भर नहीं है।
  • एक attribute जो किसी candidate key का हिस्सा नहीं है, उसे non-prime attribute. के रूप में जाना जाता है।

Third Normal Form (3NF)

एक table design 3NF में कहा जाता है यदि दोनों निम्नलिखित conditions रखते हैं:

  • इसे 1NF और 2NF दोनों की सभी requirements को पूरा करना चाहिए |
  • table 2NF में होनी चाहिए
  • किसी भी super key पर non-prime attribute की Transitive functional dependency को हटा दिया जाना चाहिए।
  • यदि ऐसे कोई column हैं जो primary key से संबंधित नहीं हैं, तो उन्हें हटा दें और इसे एक अलग table में डालें, दोनों table को foreign key के माध्यम से संबंधित करें अर्थात्; कोई transitive dependency नहीं होनी चाहिए।

Boyce-Codd Normal Form

  • इस normal form को 3.5 normal form भी कहा जाता है। यह normal formहै
  • 3NF की सभी requirement को पूरा करता है
  • BCNF 3NF का advance version है। यह 3NF की तुलना में strict है।
  • एक table BCNF में है यदि हर functional dependency X → Y, X table की super key है।

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